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शुक्रवार, 31 दिसंबर 2010

आईये हम संकल्प लें !

वन्देमातरम !
मै आजाद हूँ..आजाद ही रहूँगा ...और आजाद ही मरूँगा .....इसलिए गुलामी का कोई प्रतीक मुझे स्वीकार नहीं .....मेरे अन्दर इंडिया नहीं भारत जीता है ...इसलिए मेरा नववर्ष जो आने वाले चैत्र के नवरात्र के प्रथम दिन वर्ष प्रतिपदा को है ही मनाऊंगा...आप सब का भी स्वागत है ..हम अंग्रेजों से 56 साल आगे चलते हैं ...फिर इस गुलामी के प्रतीक ...को क्यों अपनाएं !

5 टिप्‍पणियां:

राज भाटिय़ा ने कहा…

आईये हम संकल्प लें ! जी हम ने तो यही संकल्प कर रखा हे धन्यवाद

राहुल पंडित ने कहा…

संकल्प

aarya ने कहा…

आदरणीय राज जी और राहुल जी आपका धन्यवाद ! जब खुद जागेंगे तभी दूसरों को जगा सकेंगे !

दिगम्बर नासवा ने कहा…

दोनों को मनाने में कोई बुराई नहीं है ... हाँ अपना जरूर मनाना चाहिए ..... .
आपको और आपके समस्त परिवार को नव वर्ष मंगलमय हो ...

Lies Destroyer ने कहा…

बिल्कुल!! शुभ संकल्प का आहवान!!

वंदे मातरम