आपका हार्दिक अभिनन्‍दन है। राष्ट्रभक्ति का ज्वार न रुकता - आए जिस-जिस में हिम्मत हो

शुक्रवार, 23 अप्रैल 2010

एक छोटी सी !

एक छोटी सी भूल
जो भयंकर परिणाम दे
एक छोटी से बूंद
जो जीवन को थाम दे।
एक छोटी सी चिंगारी
जो महलों को अंजाम दे
एक छोटी सी चुभन
जो इंसा की जान ले
एक छोटी सी सनक
जो कितनो की मान ले
एक छोटी सी बात
जो हजारों सवाल दे
ऐसी ही छोटी -छोटी बातें
जो जीवन को संग्राम दे
ना हो किसी के साथ
ना करे कोई ऐसा
हे प्रभु ! तू हमेशा सबका साथ दे |
रत्नेश त्रिपाठी

9 टिप्‍पणियां:

दीर्घतमा ने कहा…

priya Ratnesh ji
namaste
aap to kabi hote ja rahe hai .bahut acchhi kabita hai.
prernashpad.
dhanyabad

hem pandey ने कहा…

'ना हो किसी के साथ
ना करे कोई ऐसा'

- काश ! आपकी यह कामना पूरी हो.

दिलीप ने कहा…

sahi kaha ratnesh ji bhagwan kare aapki kamna bhagwan poori kare aur kisi ke sath kuch bura na ho...

Udan Tashtari ने कहा…

सच्चे मन से लगे रहें, हर कामना पूरी होगी.

राज भाटिय़ा ने कहा…

बहुत सुंदर
धन्यवाद

Smart Indian - स्मार्ट इंडियन ने कहा…

सुंदर कामना, धन्यवाद!

राकेश कौशिक ने कहा…

बहुत सुंदर - शिक्षाप्रद और प्रेरक सन्देश - आभार

दिगम्बर नासवा ने कहा…

एक छोटी सी छींटी भी तो हाथी को परेशान कर देती है .... अच्छी रचना है रतनेश जी ....

kshama ने कहा…

एक छोटी सी बात
जो हजारों सवाल दे
ऐसी ही छोटी -छोटी बातें
जो जीवन को संग्राम दे
ना हो किसी के साथ
ना करे कोई ऐसा
हे प्रभु ! तू हमेशा सबका साथ दे |
Bahut,bahut sundar!