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शनिवार, 5 जून 2010

राजीव शुक्ला का दोहरा चरित्र !

मुझे यह बताने की जरुरत नहीं की यह कौन हैं ? अरे वही जो खेलते हैं -पत्रकारिता से , देश की राजनीति से, क्रिकेट से और कितना गिने ! सबका ठेका हमने ही थोड़े ले रखा है इसका सर्वाधिकार तो उन्ही के पास सुरक्षित है | अब आते हैं असल मुद्दे पर, अगर आप ने नहीं पढ़ा तो एक बार पढ़ कर देखें (अरे मै ये क्या कर रहा हूँ ? इससे तो इनके लेख ८-१० और लोग पढ़ लेंगे)| ये माननीय अपने देश की ऊँची उठती अर्थव्यवस्था के आकडे को देखकर बहुत खुश हैं और हमारे प्रधानमंत्री जी (जिन्हें मैंने आज तक हंसते हुए नहीं देखा) और वित्तमंत्री जी के चेहरे की हंसी बयान कर रहे हैं, अमेरिका से तुलना करते हुए माननीय पत्रकार महोदय (जो अब पत्रकार रहे नहीं ) कहते हैं अमेरिका गर्त में जा रहा है और हम ऊपर जा रहे हैं | हाँ भाई! भूखे मरती जनता जमीं पर तो क्या गर्त में भी नहीं जा सकती आप सही कह रहे हैं, आम जनता को हर हाल में ऊपर जाना होगा, और जो हो भी रहा है ! उन्हें पाकिस्तान की बिगड़ती हालत की चिंता है, अमेरिका के गर्त में जाने की खबर है, पुर यूरोप की घटती जनसँख्या की चिंता है और बहुत कुछ , लेकिन भारत प्रगति कर रहा है, कांग्रेस के राज में (अरे मेरा मतलब महारानी सोनिया गाँधी और देश के युवराज राहुल गाँधी के राज में)| ये सार है हमारे माननीय राजीव शुक्ला जी के लेख का |

अब मेरी बारी (अरे! मेरा मतलब आम जनता) , शायद आपको याद हो की एक बार अपने ही साक्षात्कार में माननीय ने कहा था की अब मै विशुद्ध रूप से पत्रकार नहीं हूँ क्योंकि अब मुझे पार्टी के हित को ध्यान में रखकर लिखना होता है लेकिन मै पत्रकार हूँ | क्या आज का पत्रकार (जो थोड़े बहुत जीवित हैं, जिनमे स्वाभिमान बाकी है) इस तरह की बात लिखेगा जो रात दिन अपना समय आम जनता के बीच में गुजरता हो | जो वर्त्तमान में हर तरफ से मार खा रही जनता को जीते- मरते देख रहा है | अरे कौन सी अर्थव्यवस्था की आप बात कर रहें हैं, जितना आप की पार्टी पिछले ५० वर्षों में नहीं कर पाई उससे कहीं ज्यादा इस १० वर्षों में कर रही है , और आपकी इस करनी में आम जनता मर रही है |

आप इस देश की तुलना पाकिस्तान से कर रहे हैं क्या आप में बस इतनी ही समझ बची है, और तो और आप अमेरिका से भी ! अगर शर्म नहीं तो मत लिखिए, कलम पूजनीय होती है इसे किसी सरकार या परिवार का बंधक मत बनाईये | और हाँ हमें इस तरह की दलीलों से बेवकूफ मत बनाईये क्योंकि हम जानते है की जिसने इस राज परिवार मेरा मतलब है गाँधी परिवार की चापलूसी की वह कहाँ नहीं पहुँच गया | आप भी वही कर रहे हैं, एकदम करिए लेकिन इस दोहरे चरित्र से पत्रकारिता और आम जनता का मजाक मत उड़ाइए | ए.सी. की ठंडक और वी आई पी सुरक्षा से निकल कर सड़क के किनारे अभावग्रस्त पल पल दम घुटते भारत को देखिये यकीं मानिये आप कई दिनों तक भोजन नहीं कर पाएंगे |
रत्नेश त्रिपाठी

16 टिप्‍पणियां:

Rajeev Pathak ने कहा…

समझो भई........राजीव शुक्ल जी....देश भी कुछ होता है और इंसानियत भी.

फ़िरदौस ख़ान ने कहा…

पत्रकारिता के लिए निष्पक्ष होना बेहद ज़रूरी है...

राज भाटिय़ा ने कहा…

बहुत सुंदर जी सही कहा आप ने

ashvani ने कहा…

प्रिय मित्र आपने पत्रकारिता का सुन्दर चित्रण प्रस्तुत किया है | वर्त्तमान में कुछ पत्रकार बंधू अपने उद्देश्य से भटक गए है| और पत्रकार के नाम को कलंकित कर रहें है|इसलिए कभी-२ इनके सुंदर लेख को देखकर ऐसा लगता है कि यह लोग अपने पार्टी का काम करने के लिए बिना आकंड़ो का लेख लिख रहें है| सब पार्टिया चाहती हैं कि हमारा प्रवक्ता एक पत्रकार हो, होना भी चाहिए,आप किसी पार्टी के प्रवक्ता है तो बनें रहें लेकिन पत्रकारिता को कलंकित न करें|और समाचार पत्र को भी इसका ध्यान रखना चाहिए कि मेरा समाचार पत्र किसी भी पार्टी का पत्र न होकर सत्ता व् समाज के बीच कि एक अनमोल कड़ी है जो सत्ता को निरंकुस व् समाज को पथ भ्रष्ट होने से बचाता है राजीव जी ने टीक लिखा है लेकिन यह बात कांग्रेस के पत्र में ही सुशोभित होती है|

भारतीय नागरिक - Indian Citizen ने कहा…

क्यों बिना मतलब में इनके लिये और उछाल रहे हैं.. पहले ये सज्जन भाजपा की गाते रहे और अब कांग्रेस की वाहवाही... भैये नेता सिर्फ नेता रह जाता है...
आप के सद्विचारों को ऐसे में हमारे-आपके जैसे आम आदमी तो समझ सकते हैं लेकिन ऐसों की समझ में कुछ नहीं आयेगा...

Virender Rawal ने कहा…

प्रिय राजेश जी ,
बहुत सही विश्लेषण किया आपने . कांग्रेस राज के भ्रष्टाचार में ही ऐसे मीडियाई नेता पनपते हैं जो बस कागजो पर ही सारी राजनीति करते हैं . और इसका दुखद पहलु ये हैं कि इन्हें समर्थन पूरी तरह से मैडम मिलता हैं जो ये सिर्फ झूठी प्रशंसा करके मैडम से पा लेते हैं . जहाँ देश में राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री तक भी चापलूसी के कारण भेंट में दिया जाता हैं उस देश की राजनीति की रीढ़ कितनी भ्रस्त हो गयी होगी आप अंदाज़ा ही लगासकते हैं
--
!! श्री हरि : !!
बापूजी की कृपा आप पर सदा बनी रहे

Email:virender.zte@gmail.com
Blog:saralkumar.blogspot.com

सच का बोलबाला, झूठ का मुँह काला ने कहा…
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sanu shukla ने कहा…

umda vishleshan bhai..

sab ke sab sawan ke andhe hai...unhe kaise dikhegi maa bharti ki dukhad dasha aur upar se vo chashma bhi to lagaya hai Itely vala

Jayant Chaudhary ने कहा…

Jay Ho!!!!!

काजल कुमार Kajal Kumar ने कहा…

भई शुक्ला जी की मर्जी हम क्या कर सकते हैं.

aarya ने कहा…

काजल जी !
कम से कम एक कार्टून तो बना ही सकते हैं !

vedvyathit ने कहा…

ydi yh gun gan nhi krenge to fir kangresi kaise rh payege aap un ke kangresi chatukarita dhrm ko kyon chunauti de rhe hain yh to kangres ka chritr hai is ke bina n to satta hai nmal hai nmalai hai
khoob kha rhe hain mutiya rhe hain jnta to jnta hai vo bhi bhulkkd hai jo vote ke smy sb kuchh bhool kr ds rupye me shrab ki botl me ya rishte nibhane me sb kuchh bhool jati hai
dr. ved vyathit

सुनील दत्त ने कहा…

सेकुलर गद्दार जनता को वेवकूफ बनाने के लिए किसी भी हद तक गिर सकते हैं

राजेन्द्र मीणा ने कहा…

aapse ,sahmat !!!

सुलभ § Sulabh ने कहा…

Rajiv Shukl - Ek bhrasht Patrkaar Ek bhrast Pravakta aur jaane kaisa businessman Dalaal hai...

Mujhe aisa likhne me aaj koi sankoch nahi. Sabko Maloom hona chaahiye.

दिगम्बर नासवा ने कहा…

पत्रकार नही वो तो कब से चाटुकार बन चुके हैं ....